बिलासपुर में ऑटो एवं चालकों का डिजिटल पंजीकरण शुरू, क्यूआर कोड से मिलेगी चालक और वाहन की जानकारी
पहले ही दिन 3,000 से अधिक ऑटो चालकों ने कराया पंजीकरण, तीन दिन में रजिस्ट्रेशन कराने की समय-सीमा
बिलासपुर। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों के डिजिटल पंजीकरण और क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था की शुरुआत की है। चेतना भवन, पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की मौजूदगी में इस पहल का शुभारंभ किया गया। पुलिस के अनुसार, अभियान के पहले ही दिन 3,000 से अधिक ऑटो चालकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण कराया।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
इस व्यवस्था के तहत पंजीकृत प्रत्येक ऑटो या ई-रिक्शा को विशिष्ट डिजिटल आईडी और क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा। यात्री अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर संबंधित वाहन और चालक की उपलब्ध जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वाहन में बैठने से पहले चालक की पहचान की जानकारी हासिल करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित विवरण साझा करने में सुविधा होगी।
पंजीकरण के दौरान चालक की पहचान, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का विवरण, फोटो और अन्य आवश्यक जानकारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इससे वाहन एवं चालक की पहचान के सत्यापन में मदद मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी।
महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर
डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य महिला यात्रियों, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। क्यूआर कोड के माध्यम से चालक और वाहन की जानकारी उपलब्ध होने से यात्रियों को सफर के दौरान अधिक भरोसेमंद पहचान व्यवस्था मिल सकेगी। आपात स्थिति में वाहन एवं चालक से संबंधित उपलब्ध जानकारी साझा करना भी आसान हो सकता है।
ऑटो चालक पुलिस के सहयोगी: आईजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने ऑटो चालकों को पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित आवागमन करने वाले ऑटो चालक स्थानीय गतिविधियों से परिचित रहते हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तार के साथ सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में ऑटो चालकों की पहचान सुनिश्चित करना यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
तीन दिन के भीतर पंजीकरण कराने की अपील
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न चौक-चौराहों सहित अन्य स्थानों पर अभियान चलाकर ऑटो चालकों का डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा। क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि चालक ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकें। पुलिस ने सभी ऑटो चालकों को तीन दिनों के भीतर क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीकरण कराने की समय-सीमा दी है।
दुकानदारों के लिए भी क्यूआर कोड की पहल
कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने ऑटो चालकों को संबोधित करते हुए शहर एवं कस्बों में ठेला, गुमचा और दुकानदारों के लिए भी वेंडर पॉलिसी के तहत क्यूआर कोड जारी करने की पहल के बारे में जानकारी दी। इसका उद्देश्य सड़कों पर यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना और आवागमन बाधित होने की स्थिति को कम करना है।
पुलिस और प्रशासन के समन्वय से चलेगा अभियान
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने जानकारी दी। आयोजन में एएसपी शहर पंकज पटेल, एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, सीएसपी परमेश्वर तिलकवार, तिलेश्वर यादव, सुदीप सरकार, एसडीओपी नूपुर उपाध्याय, डीएसपी शिव चरण परिहार, आरआई भूपेंद्र गुप्ता सहित विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस की इस पहल का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पहचान, पारदर्शिता और नागरिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इसकी प्रभावशीलता पंजीकरण की प्रक्रिया, रिकॉर्ड के नियमित सत्यापन और व्यवस्था के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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